पुणे पुलिस ने फर्जी कुराश (एक खेल) प्रमाणपत्र घोटाले के मामले में 13 पुलिसकर्मियों और आठ एजेंटों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस फर्जीवाड़े से लाभ उठाने के संदेह में छह अन्य पुलिस भर्ती अब भी फरार हैं।
अब तक गिरफ्तार किए गए 25 लोगों में 13 पुलिसकर्मी, जिला कुराश संघों से जुड़े आठ एजेंट, महाराष्ट्र राज्य कुराश संघ के दो पदाधिकारी और कोल्हापुर का एक दंपति शामिल है। राज्य सरकार की पांच प्रतिशत खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियां हासिल करने के लिए फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की जांच के दौरान सितंबर से 27 अक्टूबर के बीच ये गिरफ्तारियां की गईं।
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “गिरफ्तार किए गए 13 पुलिसकर्मियों में से पांच ने अभी तक विभाग में कार्यभार भी नहीं संभाला था, जबकि बाकी आठ को राज्य के अलग-अलग पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों से गिरफ्तार किया गया।”
पुलिस इस घोटाले से जुड़े छह अन्य अभ्यर्थियों का पता लगाने में जुटी है। इनमें से चार अपने आवासीय पते पर नहीं मिले हैं और माना जा रहा है कि वे फरार हैं। पांचवां अभ्यर्थी पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस बल से जुड़ा है। उसके खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी पुलिस आयुक्तालय को दे दी गई है। छठा अभ्यर्थी जालना पुलिस प्रशिक्षण केंद्र से फरार है।
इस मामले की जांच ने सरकारी भर्तियों के दौरान जमा किए जाने वाले खेल प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि प्रमाणपत्रों में जिन प्रतियोगिताओं का उल्लेख किया गया है, वे वास्तव में आयोजित हुई थीं या नहीं। इसके अलावा प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया और इसमें अभ्यर्थियों, बिचौलियों तथा खेल संघों के पदाधिकारियों की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच का दायरा पुणे शहर पुलिस की भर्ती तक सीमित नहीं है।
पुणे क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में पता चला था कि 2023 से अब तक पुलिस और महाराष्ट्र सरकार के अन्य विभागों में भर्ती हुए 71 अभ्यर्थी संदेह के घेरे में हैं। इन पर खेल कोटे के तहत कुराश के फर्जी प्रमाणपत्र जमा करने का आरोप है। पुणे शहर पुलिस में खेल कोटे के तहत भर्ती के लिए उपलब्ध 104 पदों में से 19 पर कुराश प्रमाणपत्र जमा करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी।
जांचकर्ता इन प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता और यह भी सत्यापित कर रहे हैं कि संबंधित अभ्यर्थी खेल कोटे का लाभ लेने के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते थे या नहीं। इसके अलावा महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के माध्यम से क्लास-1 और क्लास-2 के सरकारी पद हासिल करने के लिए भी संदिग्ध प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की आशंका की जांच की जा रही है।
यह मामला तब सामने आया जब पुणे पुलिस को सूचना मिली कि कुछ अभ्यर्थियों ने संबंधित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिए बिना ही कुराश खेल के प्रमाणपत्र हासिल कर लिए हैं। इस संबंध में 3 सितंबर को शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। इसके अगले दिन यानी 4 सितंबर को महाराष्ट्र राज्य कुराश संघ के अध्यक्ष अंकुश विट्ठल नगर और सचिव शिवाजी जयवंत सालुंखे को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद पुलिस ने 2016 से 2023 के बीच आयोजित प्रतियोगिताओं के रिकॉर्ड और जारी किए गए प्रमाणपत्रों की जांच की। जांचकर्ताओं को संदेह है कि कुछ अभ्यर्थियों की ओर से तालुका, जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने या जीतने के दस्तावेज तैयार किए गए थे, जबकि इनमें से कुछ प्रतियोगिताएं वास्तव में आयोजित ही नहीं हुई थीं।
शुरुआती जांच में अनुमान लगाया गया था कि इस दौरान 1,200 से 1,500 तक फर्जी या संदिग्ध कुराश प्रमाणपत्र जारी किए गए। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये प्रमाणपत्र कैसे तैयार किए गए, किसने जारी किए और सरकारी नौकरियों में लाभ हासिल करने के लिए इनका इस्तेमाल कैसे हुआ।
क्या है कुराश खेल?
कुराश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कुश्ती का एक प्रकार है। इसमें खिलाड़ी अपने पैरों पर खड़े रहते हुए प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिराने की कोशिश करते हैं। महाराष्ट्र सरकार पात्र खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण प्रदान करती है।
